DAHARATI माँ के लिए मात्र एक घंटा
आज २६ मार्च २०११ को ८: ३० बजे रात को एक घंटे के लिए बिजली को बंद सारा भारत एक जुट हो जाएगा धरती माँ को बचाने के लिए. यह काबिले तारीफ़ है. मै उन सबको तहे दिल से धन्यवाद देना चाहूंगा जो इस मुहीम में शामिल होंगे. एक घंटा बहुत ही कम होता है साँसे गिनती हुई माँ को जीवन देने के लिए. फिर भी यह हर्ष की बात है की हम एक हुए है अपनी धरती माँ को बचाने के लिए. यह तो शुरुआत है . और हम आशा करते है की आपनी माँ को बचाने के लिए हम आगे भी काम करते रहेंगे. इस तरह के कार्यक्रम चलाते रहेंगे .
हमने इतनी ग़लतिया की है की केवल एक माँ ही हमें माफ़ कर सकती है, इतनी पीड़ा दी है की उसको गिनाना मुस्किल है. हमने आपने फायदे के लिए धरती माँ के शारीर को जगह जगह छेद कर दिए है मिनरल और मिंस के लिए . उसके धमनियों में बहने वाली खून रूपी नदी को जगह जगह बांधकर बिजली पैदा कर रहे है, उसके शरीर पर रोये रूपी पेड़ को काट कर जलावन में उपयोग कर चुके है. रहने के लिए पलंग कुर्सी मेज बना चुके है. इन सब चीजो को हमें रोकना होगा . जगह जगह भारी मात्रा में इस से बचने के उपाय करने होंगे. वैलाल्पिक समाधान खोजने होंगे. ताकि धरती माँ को कोई पीड़ा न पहुंचे
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